आर.एम.आर.आई.एम.एस. मेंटर संस्था

राजेन्द्र स्मारक आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नाईपर हाजीपुर की संरक्षक संस्था है। यह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद  का एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है, जो  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रशासकीय  नियंत्रण  में है। यह राष्ट्रीय महत्व की बीमारी  कालाजार एवं बायोमेडिकल अनुसंधान के कार्य में लगा है तथा इसे आइ सी एम आर से 1981 से संबद्ध किया  गया है। विगत 30 वर्षों में जैव विज्ञान अनुसंधान में वैश्विक स्तर पर हुए तीव्र एवं अप्रत्याशित प्रगति से कदम मिलाते हुए यह संस्थान अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय महत्व की बीमारियों  एवं वैश्विक रूचि वाली जैविक समस्याओं के क्षेत्र में अनुसंधान में कार्यरत है। यह संस्थान भारत के प्रमुख अनुसंधान संस्थाओं में एक है, जिसने स्थापना के समय से ही संक्रामक बीमारियों ,  विशेषकर लिसमैनियासिस एवं एच आइ वी में मौलिक अनुसंधान , बीमारियों  की  पहचान, इम्यूनोप्रोफाइलेकिसस तथा केमोथेरेपी के तकनीक का विकास करने के लिये बहुआयामी एवं संकेन्द्रित  प्रयास  आरंभ किया है। महत्वपूर्ण सांस्थिक अनुसंधान कार्यक्रमों में लिसमैनियासिस के लिये दवा की खोज भी शामिल है।

संरक्षक संस्थान आंत लीशमनियासिस के इलाज के लिए विभिन्न अनुसंधानात्मक उत्पादों पर डब्ल्यूएचओ / टो नैदानिक ​​अनुसंधान के लिए रेफरल केन्द्रों में से एक है
विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से अनुदान सहायता डब्ल्यूएचओ ओडब्ल्यूएच, डब्ल्यूएचओ / टीओआर, जीएसके, ओबीटी, ओएसटी आदि
पीएचडी. कार्यक्रम टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, बिहार द्वारा मान्यता प्राप्त है.
विस्तार से जानकारी के लिए लॉग ऑन करें www.rmrims.org.in

 

   
 
     
     
   
       
 
हमारे बारे में
परिचय
हाजीपुर क़े बारे में
नाइपर अधिनियम
सूचना का अधिकार
आर.एम.आर.आई.एम.एस. मेंटर संस्थान
कार्यक्रम और  सेमिनार 
फोटो गैलरी
शैक्षणिक कार्यक्रम
शैक्षणिक कार्यक्रम और विभागों
शैक्षणिक कैलेंडर
परीक्षा
प्रकाशन
छात्र और पूर्व छात्र
हमारी टीम
संकाय सदस्य
प्रशासनिक सदस्य
 
घोषणाएँ
कैरियर
निविदाएं
निदेशक की कलम से
सुविधाएं
नियोजन सेल
संपर्क करें
मुख्य पृष्ठ